हौसलों की उड़ान

हौसलों की उड़ान भरो, पार कर दो ये दरिया
मंज़िल तक पहुंचने के बाद, बदल जाता है नजरिया |
सफलता की सीढ़िया चढ़ पाना, सब के बस का नहीं
संघर्षो के बाद मिलने वाली, जीत का कोई मोल नहीं |
कोशिश के हर तीर को, लगाओ सही निशाने पे
खुशी दुगनी हो जाएगी, अपनी मंज़िल पाने पे |
जो जितना लक्ष्य से, पीछा छुड़ा के भागेगा
अपनी असफलताओ को, उतना वह ढाँकेगा |

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